टीम इंडिया की वर्ल्ड कप जीत पर कीर्ति आजाद का विवादित बयान: ‘Shame on Team India’ क्यों कहा? ईशान किशन ने दिया मुंहतोड़ जवाब!

कीर्ति आजाद को क्यों लगी मिर्ची? सूर्या और जय शाह के मंदिर जाने पर खड़ा किया बड़ा विवाद।

टीम इंडिया की वर्ल्ड कप जीत के बाद टीम इंडिया के ही एक क्रिकेटर ने ऐसा क्यों कहा कि शेम ऑन टीम इंडिया? जी हां, ऐसा कहकर उन्होंने सभी को चौंका दिया। एक तरफ पूरी दुनिया खुश है कि भाई टीम इंडिया लगातार दो बार वर्ल्ड कप जीती है। टीम इंडिया ने वो करके दिखा दिया है जो आज तक इतिहास में कोई टीम कर ही नहीं पाई थी। लगातार दो बार वर्ल्ड कप नहीं जीत पाई थी। वो बड़ा रिकॉर्ड टीम इंडिया ने बना दिया। अपने घर पर आज तक कोई टीम वर्ल्ड कप नहीं जीत पाई थी। यह बड़ा रिकॉर्ड यह पहली बार टीम इंडिया ने करके दिखा दिया। पूरी दुनिया और खासतौर पर भारत का पूरा देश बहुत खुश था। लेकिन उसी भारत में टीम इंडिया का ही एक क्रिकेटर ऐसा है जो नाख था।

बहुत ज्यादा नाराज था और कह रहा था शेम ऑन टीम इंडिया। कौन है ये क्रिकेटर? दरअसल ये पूर्व क्रिकेटर है। नाम है कीर्ति आजाद। कीर्ति आजाद साहब को टीम इंडिया पर गुस्सा आ गया। क्यों गुस्सा आ गया? उन्होंने टीम इंडिया के लिए बकायदा पोस्ट क्यों किया? शेम ऑन टीम इंडिया। क्यों किया उन्होंने? इसकी वजह मैं आपको बताता हूं। दरअसल हमने देखा कि टीम इंडिया ने जब ट्रॉफी जीती तो उसके बाद नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ही उसी परिसर में ही वहां पर एक मंदिर है।

हनुमान जी का मंदिर है। तो सूर्यकुमार यादव हनुमान जी को मानते हैं। जयशाह मानते हैं। जयशा वहां पर मौजूद थे। उन्हीं का होम एक तरीके से ग्राउंड है वो। उन्होंने वो मंदिर बनवाया था। तो जयशाह, गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव अपनी ट्रॉफी लेकर भगवान के मंदिर चले गए। उनकी पूजा अर्चना की। अपनी एक खुशी जाहिर की। अपना तरीका था ये खुशी जाहिर करने का। और जिस भगवान को आप मानते हैं, आप उसी के दर पर गए थे। कोई बड़ी बात नहीं है। सब लोग ऐसा करते हैं। आप ऐसा करते हैं। हम ऐसा करते हैं। हम अपने घर पर कोई बड़ी चीज लेकर आते हैं।

हम उसकी पूजा करते हैं। कार लेकर आते हैं। मंदिर में जाकर उसकी पूजा करवाते हैं। उसमें स्वास्तिक बनवाते हैं। फूल चढ़ाते हैं। और अगर कुछ भी अच्छा ऐसा शुभ होता है तो हम मंदिर जाते हैं। तो उसमें क्या गलती कर दी? राफेल जब आया था तो हमारे गृह मंत्री ने उस समय राजनाथ सिंह ने बकायदा राफेल की पूजा की थी। स्वास्तिक बनाया था उस पर तो क्या वो गलत हो गया? नहीं ना भाई। लेकिन कीर्ति आजाद साहब को मिर्ची लग गई। उन वो ये देख नहीं पाए। उन्होंने ट्वीट किया। कीर्ति आजाद ने लिखा शेम ऑन टीम इंडिया। शर्म आती है टीम इंडिया पर।

जब हम कपिल देव की कप्तानी में 1983 में वर्ल्ड कप जीते थे तब हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई खिलाड़ी थे। हम ट्रॉफी को अपनी धार्मिक जन्मभूमि, अपनी मातृभूमि भारत यानी कि हिंदुस्तान में ले आए थे। लेकिन आखिर भारतीय क्रिकेट टीम ट्रॉफी को क्यों घसीटा जा रहा है? मंदिर क्यों ले गए? मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं? मतलब एक तरीके से भारतीय क्रिकेट टीम की ट्रॉफी का क्यों राजनीतीकरण किया जा रहा है? अह मंदिर क्यों ले गए? किसी मस्जिद क्यों नहीं ले गए? चर्च क्यों नहीं ले गए?

गुरुद्वारे क्यों नहीं ले गए? यह टीम भारत देश को रिप्रेजेंट करती है। सूर्यकुमार यादव या फिर जय शाह के परिवार को नहीं सिराज तो कभी इस ट्रॉफी को मस्जिद नहीं ले गए। संजू कभी इसको चर्च नहीं ले गए। संजू तो नैन ऑफ द टूर्नामेंट भी थे तो वो इसको चर्च ले जाते। यह ट्रॉफी 1.4 बिलियन इंडियंस का एक तरीके से फेथ है। उसका एक फेस है। कोई एक एक धर्म की जीत नहीं है। सारे धर्मों की जीत है। पूरे देश की जीत है यह। यह ट्रॉफी हर धर्म के 140 करोड़ भारतीयों की है। किसी एक धर्म की जीत का जश्न मनाने के लिए नहीं है। यह लिखा है कीर्ति आजाद ने।

जिसके बाद बहुत सारे इस पर रिएशंस आए। बहुत सारे इस तरफ थे तो बहुत सारे उस तरफ थे। बहुत सारे लोगों ने उनका साथ दिया कमेंट्स में तो बहुत सारे लोगों ने उनको खूब सुनाया भी। उनको खूब ट्रोल भी किया कि तुमको काहे मिर्ची लग रही है भाई। लेकिन जब टीम इंडिया के ही क्रिकेटर ईशान किशन से इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने क्या कहा यह भी मैं आपको सुनाता हूं। यह सुनिए। कीर्ति आजाद ने कहा कि आप लोग मंदिर क्यों गए थे? शेम ऑन टीम इंडिया की जीतने के बाद मंदिर गए। सर क्या? कीर्ति आजाद ने कहा है कि शेम ऑन टीम

इंडिया फॉर गोइंग टू अ टेंपल। जीतने के बाद मंदिर क्यों गए और सब सर मैं इतना अच्छा वर्ल्ड कप जीते हैं। कितना अच्छा सवाल आप लोग कीजिएगा। ये कीर्ति आजाद क्या बोले? अब इसमें मैं क्या बोलूं? कुछ अच्छा सवाल कीजिए ना कि कैसा मजा आया? किस बॉलर? हां। ये देखिए ये अच्छा क्वेश्चन हुआ। बेकार क्वेश्चन पूछ दिया आप। तो एक तरीके से ईशान कह रहे हैं क्या फालतू सवाल पूछ रहे हो यार कीर्ति आजाद ने बोला होगा बोला होगा एक तरीके से यही मुंहतोड़ जवाब था कई बार आप सीधा जवाब देकर भी जवाब दे देते हैं उनका एक जवाब एक तरीके से यही था कि यार क्या फालतू के सवाल पूछ रहे हो तो वो आदमी कोई मैटर ही नहीं करता मेरे लिए तुम उसका सवाल पूछ रहे हो मेरे से इंडियन टीम जीती है

वर्ल्ड कप उस पर सवाल पूछो वो कोई मैटर ही नहीं करता है उनका बयान क्यों पूछ रहे हो सवाल तो एक तरीके से एक मुंहतोड़ जवाब भी है कीर्ति आजाद के लिए कि तुम बोल तो रहो हमारी ट्रॉफी के लिए भैया या हम तो जिस धर्म को मानते हैं, हमारा कप्तान जिस धर्म को मानता है, वहां पर ले गया वो। क्या दिक्कत है उसमें? ऐसे में आप बताइए इस पूरे मुद्दे पर आप किस तरफ है? आपकी राय क्या है? कीर्ति आजाद आपको सही लग रहे हैं जो उन्होंने कहा या फिर जो स्काई ने किया वो सही है। जो भी आपकी राय हो कमेंट जरूर कीजिएगा। इस वीडियो को शेयर जरूर कीजिएगा और अपने दोस्तों से भी पूछिएगा कौन सही है कौन गलत है।

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