एक जीत, दो पॉइंट्स और टीम इंडिया का सेमीफाइनल पक्का। जी हां, दो पॉइंट्स के साथ भी टीम इंडिया सेमीफाइनल में जा सकती है। भले ही टीम इंडिया साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर 8 का अपना पहला मुकाबला गवा चुकी है। लेकिन टीम इंडिया को अभी जिंबाब्वे और वेस्ट इंडीज के खिलाफ मुकाबला खेलना है। हा भारत अगर दोनों मुकाबले जीतेंगे तो चांसेस और ज्यादा बढ़ जाएंगे। लेकिन अगर एक मुकाबला भी हार गए ऑर एक मुकाबला जीत भी गए तो भी टीम इंडिया सेमीफाइनल खेल सकती है। क्योंकि क्रिकेट में कुछ भी हो सकता है और अब ये जो नया सिनेरियो है इसने सभी को चौंका के रख दिया है क्योंकि इस सिनेरियो के जरिए टीम इंडिया सेमीफाइनल में जाती हुई दिख रही है। क्योंकि जैसे ही साउथ अफ्रीका से हम हारे थे वैसे ही उसके बाद से एक ही सवाल सभी क्रिकेट प्रेमियों के मन में था कि क्या टीम इंडिया वाकई सेमीफाइनल खेल सकती है या नहीं? तो चलिए आपको ये नया समीकरण समझाते हैं कि किस तरीके से दो पॉइंट्स के साथ भी टीम इंडिया आगे जा सकती है। सबसे पहले अभी तक का पॉइंट्स टेबल आपको दिखा देते हैं।
| स्थान | टीम | मैच | जीत | हार | पॉइंट्स | नेट रन रेट (NRR) |
| 1 | वेस्टइंडीज | 1 | 1 | 0 | 2 | +5.350 |
| 2 | साउथ अफ्रीका | 1 | 1 | 0 | 2 | +3.800 |
| 3 | भारत | 1 | 0 | 1 | 0 | -3.800 |
| 4 | जिम्बाब्वे | 1 | 0 | 1 | 0 | -5.350 |

क्रिकेट और कुदरत का करिश्मा: क्या टीम इंडिया नेट रन रेट के दम पर पहुंचेगी सेमीफाइनल?
अब बस आप वेस्टइंडीज से जीत जाइए! क्योकी फ़िर बस दो पॉइंट्स होंगे, और यहीं सारा खेल नेट रन रेट (NRR) पर आ जाएगा। जरूरत इस बात की है कि बस फिर आप इंडीज को एक ऐसी करारी हार का स्वाद चखाएं जो इतिहास बन जाए। मान लीजिए, आप वेस्टइंडीज के खिलाफ 275 रन बना देते हैं और उन्हें महज 100 रन पर ढेर कर देते हैं तो आपका रन रेट रॉकेट की तरह ऊपर जाएगा और आप क्वालीफाई कर जाएंगे।
बाकी टीमों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। अभी साउथ अफ्रीका से हारने के बाद रन रेट माइनस में है, और अगर जिम्बाब्वे से भी हार मिली तो स्थिति और बिगड़ेगी। लेकिन जिम्बाब्वे के बाद जब आप वेस्टइंडीज से खेलेंगे, तो वहाँ एक ‘चमत्कार’ कीजिए। कहते हैं न, क्रिकेट में कुछ भी मुमकिन है!
उलटफेर का इतिहास और उम्मीदें
तभी तो आज जिम्बाब्वे सुपर-8 में खड़ी है। नीदरलैंड्स जैसी टीमें दिग्गजों को धूल चटा रही हैं। जिम्बाब्वे ने पहले भी ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान जैसी टीमों को हराकर दुनिया को चौंकाया है। अभी हाल ही में यूएसए ने पाकिस्तान को हराया—तो चमत्कार क्यों नहीं हो सकता?
साउथ अफ्रीका का सिनेरियो: अगर साउथ अफ्रीका अपने सारे मैच जीत जाती है, तो उनके छह पॉइंट्स पक्के हैं। अब बात आती है वेस्टइंडीज की। अगर वेस्टइंडीज जिम्बाब्वे से तो जीत जाए, लेकिन इंडिया और साउथ अफ्रीका से हार जाए, तो उनके रन रेट पर जबरदस्त चोट पड़ेगी। दो बड़ी हार किसी भी टीम का समीकरण बिगाड़ सकती हैं और यहीं टीम इंडिया को फायदा होगा।
क्यों भरोसा जरूरी है?
मैं हमेशा कहता हू कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, और हम इसके गवाह रहे हैं:
- 1999 वर्ल्ड कप: बांग्लादेश ने पाकिस्तान को हराया।
- 2007 वर्ल्ड कप: बांग्लादेश ने इंडिया को बाहर का रास्ता दिखाया।
- नेटवेस्ट सीरीज: बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को मात दी।
- हालिया दौर: जिम्बाब्वे ने पाकिस्तान को और नीदरलैंड्स ने साउथ अफ्रीका को पटकनी दी।
जब यूएसए पाकिस्तान को हरा सकती है, तो भरोसा रखना तो बनता है। चमत्कार होते रहते हैं, और इसीलिए यह खेल इतना निराला है। अब देखना यह है कि क्या यह गणित सही बैठता है या कोई और कुदरती करिश्मा टीम इंडिया को सेमीफाइनल के दरवाजे तक ले जाता है।