खामेनेई की मौत के बाद दहला मिडिल ईस्ट: ईरान के इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर भीषण हमले।

तेहरान से रियाद तक धमाके: सात देशों में ईरान का ‘बदला’ शुरू।

खामिने की मौत के बाद इजराइल, ईरान और यूएस के बीच संघर्ष बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान एयरपोर्ट के आसपास समेत कम से कम सात जगहों पर हमले हुए हैं।

अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि निशाना सैन्य ठिकाने थे या सरकारी इमारतें। कुछ धमाके बड़े होटलों और मॉल के पास भी हुए हैं। जिससे लोगों में डर पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है। क्योंकि अब खतरा सीधे उनके घरों और रोजमर्रा की जिंदगी तक पहुंच चुका है। सुप्रीम लीडर आया अली खामिनी की मौत के

बाद ईरान ने बदले को अपना जायज हक और फर्ज बताया है। और इसके बाद मिसाइल ड्रोन हमलों की आग पूरे मिडिल ईस्ट में फैलती दिख रही है। खामीनी की मौत के साथ ही ईरान में सत्ता का सबसे बड़ा चेहरा खत्म हो गया। अमेरिका और इजराइल के लगातार हमलों में उनके साथ-साथ ईरान के कई टॉप सुरक्षा अधिकारी भी मारे गए।

इसके बाद ईरान ने साफ अल्फाज़ में कहा कि बदला लिया जाएगा। ईरान की रिवोलशनरी गार्ड कॉप्स यानी कि Iआरजीसी का दावा है कि उसने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सेना के 27 ठिकानों और तेलवी में इजरायली सैन्य ठिकानों पर हमला किया है।

कतर और यूएई से भी लगातार धमाकों की खबर आ रही है। Iआरजीसी ने यह भी कहा है कि ईरान की सेना कब्जे वाले इलाकों और अमेरिकी ठिकानों पर बजने वाले खतरे के सायरन को शांत नहीं होने देंगी। ईरान ने अब बदले को आधिकारिक लाइन बना दिया है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजस्कियान ने बयान जारी कर कहा कि बदला लेना ईरान का जायज हक और फर्ज है और तेहरान इस फर्ज को पूरा करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा। साथ-साथ ईरान के फर्स्ट वाइस प्रेसिडेंट मोहम्मद रजा आरिफ ने भी सभी मंत्रियों और प्रांतों के गवर्नरों को आदेश दिया है कि जंग जैसे

हालात में भी सरकार का काम बिना रुके चलते रहे। इन सबके बीच अभी हमले जारी हैं। खबर है कि सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। एपी के मुताबिक पूर्वी रियाद के लोगों ने कई तेज धमाके सुने और आसमान में धुआं उठता भी देखा।

अलजजीरा के मुताबिक स्काईलाइट नाम के ऑयल टैंकर पर ओमान के मुसदम तट के पास हमला हुआ। इसमें चार लोग घायल हुए। जबकि 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया। इससे पहले ओमान के डुकम पोर्ट पर ड्रोन हमले में एक विदेशी कर्मचारी घायल हुआ था। वहीं क़तर से जानकारी आई है कि

ईरान ने उसके कई इलाकों में 50 से ज्यादा मिसाइलें दागी हैं। जिनमें ज्यादातर को रोक लिया गया है। लेकिन इनमें आठ लोग घायल हुए हैं। इसके साथ ही दोहा में भी धमाके और धुएं के गुबार देखे गए। बीबीसी के मुताबिक यूएई में भी ड्रोन का मलबा गिरा है।

अबू धाबी में एयर डिफेंस ने एक ईरानी ड्रोन को रोका लेकिन उसका मलबा एक टावर से जा टकराया जिससे एक महिला और बच्चा घायल हो गए। दुबई में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई है। इजराइल के तेल लवीब में एक रिहाइशी इलाके में ईरानी बैलस्टिक मिसाइल गिरने से एक महिला की मौत हो गई। अपार्टमेंट बुरी

तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मलवा हटाने का काम जारी है। उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने हमला किया तो जवाब में ऐसी ताकत इस्तेमाल होगी जो दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी। अलजजीरा ने ईरानी सरकारी मीडिया के हवाले से बताया कि इन हमलों में 24 प्रांतों के कम से कम 2001 लोगों की मौत हुई है और जवाबी कारवाई सिर्फ इजराइल तक सीमित नहीं रही। ईरान ने कतर, यूएई, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन, सऊदी अरब और इराक में मौजूद अमेरिकी और सहयोगी ठिकानों को भी निशाना बनाया है। यानी अब ये सिर्फ

ईरान, इजराइल या ईरान, अमेरिका का टकराव नहीं रहा। पूरे मिडिल ईस्ट की जमीन इस टकराव की चपेट में है। खबरों के मुताबिक ईरान की सत्ता फिलहाल खाली नहीं छोड़ी गई है। सरकार ने एक इंट्रिम काउंसिल बनाई है जिसमें राष्ट्रपति मसूद पजिंसकियान भी शामिल है। यही काउंसिल तब तक देश चलाएगी जब तक नया सुप्रीम लीडर नहीं चुन लिया जाता। तो फिलहाल इस खबर में इतना ही।

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