न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल से पहले टीम इंडिया की 4 ‘जानलेवा’ कमजोरियां: अब गलती की तो गंवाना पड़ेगा वर्ल्ड कप!

न्यूजीलैंड आपको एक भी मौका नहीं देगी कि आप वो गलतियां दोहराएं जो आपने सेमीफाइनल में की उससे पहले इंडीज वाले मैच में की। बाकी खिलाड़ियों की वजह से या कुछ खिलाड़ियों की वजह से इन गलतियों पर जो है वो पर्दा डल गया। नहीं तो यह गलतियां ऐसी थी बल्कि गलती नहीं थी क्राइम था और ऐसा क्राइम था कि आपको वर्ल्ड कप से बाहर करवा सकता था। लेकिन कुछ अच्छे प्लेयर्स थे जिनके आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस की वजह से आप बच गए और वेस्ट इंडीज के खिलाफ भी नॉकआउ मैच आप जीत गए। डू और डाई मैच आप जीत गए। सेमीफाइनल में पहुंच गए और फिर उसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल भी जीत गए। लेकिन न्यूजीलैंड जैसी बड़ी टीम आपको यह गलतियां करके जीतने नहीं देगी। वो इन गलतियों का फायदा उठाएगी और उसके बाद CUP भी उठाएगी। अगर आपने ये गलतियां की। कौन-कौन सी ये गलतियां हैं? टीम इंडिया की चार ऐसी कमजोरियां हैं जो लगातार टीम इंडिया को परेशान कर रही हैं। या तो इन कमजोरियों का तोड़ निकालना पड़ेगा या फिर आपको खुद बाहर जाने के लिए तैयार रहना पड़ेगा। क्या है ये चार कमजोरियां जो अभी तक पूरे वर्ल्ड कप में हमने हर मैच में लगभग देखी है।

टीम इंडिया की 4 बड़ी कमजोरियां: अब गलती की गुंजाइश नहीं

सबसे पहली सबसे बड़ी कमजोरी अभिषेक शर्मा लगातार आउट ऑफ फॉर्म। तो इस पूरे T20 वर्ल्ड कप में अभिषेक शर्मा आउट ऑफ फॉर्म है। ऐसा लग रहा है कि बैटिंग भूल गए हैं। इस वर्ल्ड कप में वो नंबर वन बैटर के तौर पे आए थे। उनका कद बहुत बड़ा था। बहुत बड़ा नाम था। लेकिन अभिषेक शर्मा जब से आए हैं उनका पूरा मामला खत्म हो चुका है। वो बल्लेबाजी भूल चुके हैं। इंग्लैंड के खिलाफ हो, वेस्ट इंडज के खिलाफ हो, जैसे ही एक अच्छी टीम सामने आ रही है, अभिषेक शर्मा बैटिंग भूल जा रहे हैं। इस पूरे वर्ल्ड कप में तीन बार डक पर आउट हो चुके हैं। शून्य पर आउट हो चुके हैं। हल्की टीमों के खिलाफ भी इनका ऐसा ही प्रदर्शन था। सिर्फ जिंबाब्व वाला मैच था जहां इन्होंने 50 ठोका। बाकी पूरे वर्ल्ड कप में फ्लॉप है। तो इस कमजोरी का तोड़ आपको निकालना पड़ेगा। तोड़ क्या निकालना है? सीधा बाहर कीजिए प्लेइंग 11 से। जो डिर्व ही नहीं करता जो रंस नहीं बना पा रहा, जो परफॉर्म नहीं कर पा रहा, पूरा वर्ल्ड कप निकल गया, परफॉर्म नहीं कर पा रहा। क्यों उसको खिलाना भाई? किसी ढंग के प्लेयर को खिलाओ। उनसे ज्यादा तो परफॉर्म कर देगा। यह तो एकदम ही खत्म मामला है।

दूसरी कमजोरी। कप्तान Surya भी हर बड़े मैच में फ्लॉप है। हर बड़े मैच में कोई नॉकआउ मैच आज तक Surya ने नहीं जिताया है। किसी नॉकआउट मैच में बड़े मैच में परफॉर्मेंस Surya की नहीं आई है। आज भी देख लीजिए सेमीफाइनल था। पूरा अच्छा मौका था उनके पास। अच्छी शुरुआत मिल चुकी थी। संजू or ईशान बहुत अच्छा एक पार्टनरशिप करके टीम इंडिया को मजबूत सिचुएशन में ला चुके थे। Surya वही 15 18 20 क्या मतलब है? खत्म मामला है एकदम। क्या हो गया है पता नहीं Surya को भी बड़ी टीमों के खिलाफ इनके बल्ले में भी जो है वह सांप सूंघ जाता है इनके बल्ले को अच्छी टीमों के खिलाफ परफॉर्म नहीं कर पाते हैं और यह लगातार हो रहा है इंडीज के खिलाफ भी ऐसा ही हुआ और अब इंग्लैंड के खिलाफ भी तो न्यूजीलैंड तो इसका फायदा उठाएगी उनको पता है इनका कप्तान फॉर्म में है नहीं बड़ी टीमों के खिलाफ परफॉर्म नहीं कर पाता है इसको ज्यादा ज्यादा गेंदे खिलाओ टेस्ट मैच खेलेगा वही 12 गेंदे कोई और खेल लेता है तो 30 बना देता है हमारे भाई साहब 15 बनाते हैं तो Surya वाला थोड़ा अब उनको आउट तो कर नहीं सकते। एक प्लेइंग 11 से क्योंकि कप्तान है। तो सूर्या की ये जो आउट ऑफ फॉर्म बैटिंग है इस पर थोड़ा सा काम करना पड़ेगा।

तीसरी कमजोरी आपके मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती जो है वो हिस्ट्री बनते जा रहे हैं। उनको बल्लेबाज हिस्ट्री की किताबों में लगातार डालते जा रहे हैं। उनका नाम हिस्ट्री की किताबों में आता जा रहा है क्रिकेट हिस्ट्री की कि बहुत मार खाते थे भाई साहब। बहुत मार खा रहे हैं। चार ओवर में 50, चार ओवर में 60 आम बात हो गई है। यह एक ऐसा गेंदबाज था जिसके चार ओवर में 24,

25, 30 के आसपास रन आते थे। दो-तीन विकेट चटकाता था। ऐसा मामला था। इस वर्ल्ड कप में इनको खत्म कर दिया टीमों ने। सब समझ गए। जिंबाब्वे ने इनकी पिटाई की शुरुआत की थी। उसके बाद वो चालू है। जिंबाब्वे ने भी इनको पीटा, नीदरलैंड्स ने भी पीटा, इंडीज ने भी पीटा और फिर इंग्लैंड ने भी पीटा। और इंग्लैंड ने तो क्या भर कर कूटा है इनको। तो यह मुझे लगता नहीं है कि फाइनल खेलने के काबिल है। इनको हटाइए। इनकी जगह पर आप कुलदीप यादव को लेकर आइए। गारंटी कम से कम चार ओवर में सात तो कुलदीप यादव नहीं खाएगा।

कम से कम कुलदीप यादव के हाथ में एक बात तो है ना कि वरुण चक्रवर्ती आ रहे हैं। ऐसे फेंक रहे हैं। सीधी गेंद आ रही है। मारो बैठ के। बल्लेबाजों को पता है इसके पास कोई वेरिएशन नहीं है। अभी तक यह सिर्फ और सिर्फ अपने नाम का खा रहा था। कोई वेरिएशन नहीं थी। लोग इसको लेग स्पिनर समझ कर खेल रहे थे। आते हैं ऐसे गेंद डालते हैं सीधी आ जाती है। कोई लेग स्पिनर नहीं है। कोई गुगली नहीं है। कोई फ्लिप नहीं है। वही गेंद आके उसके बाद मार खा जाते हैं। दो खा जाते हैं तो 120 की गति से गेंदबाजी करने लगते हैं। भूल जाते हैं कि मैं स्पिनर हूं। पेसर बन जाते हैं।

पेसर भी 150 वाला नहीं 120 वाला। आदमी एक कप चाय पिए फिर मारे। तो उससे अच्छा है कि इन भाई साहब को कहो आप रेस्ट कीजिए। एक नया त्रुप का इक्का आप लेकर आइए। ट्रंप कार्ड एक गैंबल खेलिए। आप कुलदीप यादव को टीम में लेके आइए। कम से कम वरुण चक्रवर्ती से तो बेहतरीन गेंदबाजी कर देंगे। ये मैं लिख के दे सकता हूं।

चौथी कमजोरी बुमराह पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता। मतलब एक ही गेंदबाज है क्या आपके पास? एक गेंदबाज है बस। एक ही गेंदबाज से आप पूरा वर्ल्ड कप चले गए। आपने कभी ध्यान ही नहीं दिया कि मौका आएगा तो बाकी गेंदबाज को भी परफॉर्म करना पड़ेगा। गनीमत हो, उस गेंदबाज ने आपको सेमीफाइनल में बचा लिया, लेकिन क्या हर बार उसका दिन अच्छा होगा? हर बार उसकी आखिरी की 12 गेंदों में से 11 गेंदे यॉर्कर पड़ पाएंगी। एक गेंद इधर से उधर हो गई। मामला खत्म है आपका। बाकी गेंदबाज क्या कर रहे हैं? उनको यॉर्कर मारना नहीं आता। वो शिवम दुबे दिन भर मुंह टेढ़ा करके प्रैक्टिस किया करते हैं। दिन भर चुंगम चबाते हुए मुंह टेढ़ा करके प्रैक्टिस करते हैं। मैच में जाते हैं तो नीचे का नौ नंबर का आठ 10 नंबर का बल्लेबाज तीन पे तीन छह मार रहा है उनको। उससे पहले वह बीते दो मैच में वेस्ट इंडीज के खिलाफ। उसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ। उससे पहले भी बीते लगभग पांच ओवर में यह 90 रन खा चुके हैं।

भाई साहब 1415 की से ज्यादा की इनकी इकॉनमी है। 16 17 की भी क्या है मतलब? क्या गेंदबाजी ये है? वरुण चक्रवर्ती महंगे साबित हो रहे हैं। मतलब एक बुमराह के ऊपर आप इतने ज्यादा निर्भर हैं। बुमराह जैसा कोई और गेंदबाज है नहीं जो ढंग से यॉर्कर मार पाए। नहीं है आपके पास। तो ये भी एक गेंदबाज पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता आपको कम करनी पड़ेगी। तब आप चैंपियन ढंग से बनने लायक बनेंगे। डिर्व करेंगे चैंपियनशिप। एक गेंदबाज से चैंपियनशिप नहीं जीती जाती भाई साहब। तो ये चार कमजोरियां हैं। थोड़ा सा देख लो उन पे काम कर लो। कर लोगे तो आपका काम हो जाएगा नहीं तो काम लग जाएगा। बन जाएगा। काम तमाम खत्म।

सारी मैंने जो इतने दिनों की थी 2 साल से सब पर पानी फिर जाएगा। बहुत-बहुत शुक्रिया इस रिपोर्ट को देखने के लिए। घर हो या ऑफिस स्नैक हो फील गुड। खारी फूड्स लाए रागी क्रिस्पीस मखाना पॉप्स और स्नैक बार।

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