
T20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के शर्मनाक प्रदर्शन के बाद टीम अब बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज खेल रही है। इस सीरीज से पहले जब टीम का ऐलान हुआ तो सब हैरान रह गए क्योंकि पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान बाबर आजम का स्क्वाड में नाम ही नहीं था और क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने माना कि बाबर के T20 वर्ल्ड कप 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया। लेकिन अब टीम के सिलेक्टर आकिब जावेद ने खुलासा किया है कि बाबर को स्क्वाड में ना लेने की वजह फॉर्म नहीं थी बल्कि इसका कारण कुछ और ही था।
आपको बता दें बाबर लंबे समय बाद T20 फॉर्मेट में वापस आए थे। लेकिन वह इसे भुना नहीं पाए। T20 वर्ल्ड कप 2026 में बाबर आजम ने छह मैच खेले जहां उन्होंने चार इनिंग में बल्लेबाजी की और केवल 91 रन बनाए। इसी के साथ उनका स्ट्राइक रेट लगभग 112 का ही रहा। अब इन नंबर्स को देखकर तो यही लगता है कि बाबर को इसी वजह से बांग्लादेश दौरे के लिए नहीं चुना गया। लेकिन टीम के चयनकर्ता आकिब जावेद ने साफ कर दिया है कि बाबर को बाहर करने की वजह फॉर्म नहीं थी बल्कि उन्हें चोट की वजह से स्क्वाड में नहीं रखा गया है।
जी हां, बाबर चोटिल होने की वजह से बांग्लादेश दौरे पर नहीं गए हैं। आकिब जावेद ने कहा कि बाबर आजम घरेलू टी20 टूर्नामेंट खेलना चाहते थे। लेकिन चोट की वजह से उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया। आकिब जावेद ने मीडिया से बातचीत में टीम के फिजियो और हेड कोच माइक हसन की मेथोडोलॉजी पर गंभीर सवाल उठाए। बांग्लादेश दौरे के लिए टीम के ऐलान के बाद वाइट बॉल हेड कोच माइक हसन ने साफ कर दिया था कि यह फैसला किसी सजा के तौर पर नहीं है बल्कि युवा और उभरते खिलाड़ियों को मौका देने के लिए है। आकिब जावेद ने अपने बयान में कहा बाबर आजम को T20 वर्ल्ड कप के दौरान चोट लगी। जब वह श्रीलंका से वापस आए तो डॉक्टर्स ने उनकी जांच की। उनकी चोट उन्हें नेशनल T20 खेलने से रोक रही है। वे खेलना चाहते थे,
लेकिन चोट उन्हें ऐसा नहीं करने दे रही है। जावेद ने यह भी खुलासा किया कि केवल बाबर ही नहीं बल्कि फखर जमान भी वर्ल्ड कप के दौरान चोटिल हुए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं थे तो इसकी जानकारी चयनकारकर्ताओं को समय पर क्यों नहीं दी गई? उन्होंने इसके लिए कई सवाल भी किए। उन्होंने कहा, हमने इस मामले में पीसीबी से जांच के आदेश की मांग की है। और बाबर कैसे अनफिट हो गए?
वर्ल्ड कप के बाद क्या हमें इन दोनों खिलाड़ियों की चोटों के बारे में पता चला? मैं बस यह जानना चाहता हूं कि क्या टीम मैनेजमेंट उनकी चोटों की देखभाल नहीं कर रहा था? क्या वे पूरी तरह फिट थे? हम चयनकर्ताओं को यह पता होना चाहिए। लेकिन जब खिलाड़ी वर्ल्ड कप के लिए जाते हैं तो उनकी स्वास्थ्य समस्याओं और चोट की चिंताओं की देखभाल हेड कोच और फिजियो करते हैं। हमें इस बारे में जानकारी मिलनी चाहिए थी। अब आकिब जावेद के इन बयानों से एक बार फिर पाकिस्तान क्रिकेट और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की लापरवाही पर सवाल उठ गए हैं। आपका इसके बारे में क्या कहना है?
FAQ
1. क्या बाबर का बाहर होना ‘ड्रॉप’ है या वाकई ‘इंजरी’?
यह एक बहुत बड़ा विवाद है। मुख्य कोच माइक हसन कह रहे हैं कि यह सजा नहीं है, बल्कि युवाओं को मौका देने की बात है। लेकिन सेलेक्टर आकिब जावेद इसे चोट बता रहे हैं।
निष्कर्ष: ऐसा लगता है कि टीम प्रबंधन और चयन समिति के बीच बहुत कम तालमेल है। अगर कोच इसे रोटेशन नीति कह रहे हैं और सेलेक्टर इसे मेडिकल समस्या बता रहे हैं, तो यह साफ है कि कुछ ऐसा है जिसे छिपाया जा रहा है। बाबर जैसे बड़े खिलाड़ी के मामले में ऐसी स्थिति टीम के माहौल को खराब कर सकती है।
2. वर्ल्ड कप के दौरान चोट छुपाई गई या अनदेखी हुई?
आकिब जावेद का यह कहना कि बाबर और फखर 2026 विश्व कप के दौरान ही चोटिल हो गए थे, बहुत गंभीर है।
निष्कर्ष: अगर वे चोटिल थे और फिर भी खेलते रहे, तो इसका मतलब है कि या तो उन्होंने अपनी जगह बचाने के लिए अपनी चोट को छिपाया, या प्रबंधन ने खराब प्रदर्शन को ढकने के लिए अब चोट का बहाना बनाया है। अगर वे वास्तव में फिट नहीं थे और फिर भी खेले, तो यह उनकी खराब फॉर्म और टीम की हार का एक बड़ा कारण हो सकता है।
3. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की मेडिकल टीम पर भरोसा कितना?
आकिब जावेद ने सीधे तौर पर टीम फिजियो और हेड कोच की तरीके पर सवाल उठाए हैं।
निष्कर्ष: पाकिस्तान क्रिकेट में यह पुराना पैटर्न रहा है—शाहीन अफरीदी के केस में भी ऐसा ही हुआ था। मेडिकल पैनल और मैनेजमेंट के बीच बातचीत में समस्या साफ दिख रही है। आकिब की जांच की मांग यह बताती है कि बोर्ड के अंदरूनी सिस्टम पर अब उनके अपने ही लोगों को भरोसा नहीं रहा है।
क्या ‘वर्कलोड’ के नाम पर स्टार खिलाड़ियों को दरकिनार किया जा रहा है?
जवाब: अक्सर जब किसी बड़े खिलाड़ी का प्रदर्शन गिरता है, तो बोर्ड उसे ‘आराम’ या ‘चोट’ का नाम देकर बाहर कर देता है ताकि विवाद कम हो।
निष्कर्ष: बाबर आज़म का स्ट्राइक रेट और औसत वर्ल्ड कप में बेहद सामान्य था। यह मुमकिन है कि उन्हें सम्मानजनक विदाई देने के लिए ‘चोट’ का सहारा लिया गया हो, ताकि सीधे तौर पर बाहर करने की आलोचना से बचा जा सके।
क्या बिना बाबर और फखर के पाकिस्तान की वनडे टीम बांग्लादेश को टक्कर दे पाएगी?
जवाब: वनडे फॉर्मेट में बाबर आजम पाकिस्तान की रीढ़ रहे हैं।
निष्कर्ष: बांग्लादेश की टीम अपने घर में या स्पिन के लिए अच्छी पिचों पर खतरनाक होती है। बाबर और फखर जैसे अनुभवी बल्लेबाजों के बिना पाकिस्तान का टॉप ऑर्डर अनुभवहीन नजर आ रहा है। यह युवा खिलाड़ियों के लिए अग्निपरीक्षा होगी, लेकिन अगर वे फेल होते हैं, तो सिलेक्टर्स और मैनेजमेंट पर दबाव और भी बढ़ जाएगा।